बच्चों की पढ़ाई के लिए वास्तु के खास टिप्स
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बच्चों की पढ़ाई के लिए सही दिशा और वातावरण का होना बहुत महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स जो आपके बच्चों की पढ़ाई में मदद कर सकते हैं।
पढ़ाई के कमरे की दिशा
वास्तु के अनुसार, बच्चों के अध्ययन कक्ष के लिए पूर्व या उत्तर दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। पूर्व दिशा से सूर्य की पहली किरणें आती हैं, जो बच्चों में ऊर्जा और एकाग्रता बढ़ाती हैं।
डेस्क का सही स्थान
- स्टडी टेबल को इस तरह रखें कि बच्चा पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठे - पढ़ने की मेज पर पर्याप्त रोशनी आनी चाहिए - मेज को दीवार से सटा कर नहीं रखना चाहिए
रंगों का प्रयोग
पढ़ाई के कमरे में हल्के रंगों का प्रयोग करें: - हल्का पीला: एकाग्रता बढ़ाता है - हल्का नीला: शांति प्रदान करता है - हल्का हरा: आंखों के लिए आरामदायक
सामान्य वास्तु टिप्स
- कमरे में हमेशा साफ-सफाई रखें
- अनावश्यक सामान न रखें
- पर्याप्त वेंटिलेशन होना चाहिए
- कमरे में पौधे रख सकते हैं, लेकिन कांटेदार पौधे न रखें
- दीवार पर प्रेरणादायक तस्वीरें या सकारात्मक विचार लगा सकते हैं
क्या न करें
- बेड पर बैठकर पढ़ने से बचें - टीवी या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण स्टडी एरिया में न रखें - टूटी-फूटी चीजें कमरे में न रखें - भारी फर्नीचर का प्रयोग न करें
मंत्र और पूजा
सरस्वती मंत्र का जाप और पूजा से भी बच्चों की पढ़ाई में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। प्रतिदिन सुबह कुछ समय पूजा-पाठ के लिए निकालें।
प्रकाश और हवा का महत्व
प्राकृतिक प्रकाश और ताजी हवा बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
- पढ़ाई के कमरे में पर्याप्त खिड़कियां होनी चाहिए ताकि सूरज की रोशनी अंदर आ सके।
- कमरे में हवा का अच्छा प्रवाह होना चाहिए ताकि ऊर्जा स्थिर न हो।
- रात में पढ़ाई के लिए टेबल लैंप का उपयोग करें, लेकिन ध्यान रखें कि लाइट बच्चे के बाईं ओर से आ रही हो।
पढ़ाई के कमरे में न रखें ये चीजें
पढ़ाई के कमरे में कुछ चीजें रखने से बचना चाहिए, जो बच्चों की एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकती हैं:
- पढ़ाई के कमरे में भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे टीवी और कंप्यूटर न रखें।
- कमरे में अनावश्यक सजावट और भारी सामान से बचें।
- पढ़ाई की मेज पर अव्यवस्था न होने दें।
- दक्षिण-पश्चिम दिशा में कोई पानी से संबंधित चीजें न रखें।
प्रेरणा और सकारात्मकता के लिए टिप्स
बच्चों को प्रेरित रखने और सकारात्मकता बढ़ाने के लिए वास्तु शास्त्र में कुछ आसान उपाय दिए गए हैं:
- पढ़ाई के कमरे में माता सरस्वती की तस्वीर लगाएं।
- मेज पर एक छोटा ग्लोब या अध्ययन से संबंधित प्रतीक रखें।
- कमरे में एक छोटा सा हरा पौधा रखें। यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।
- एक प्रेरणादायक उद्धरण या पोस्टर पूर्व दिशा की दीवार पर लगाएं।
बच्चों की दिनचर्या में सुधार के वास्तु उपाय
पढ़ाई के समय बच्चे का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए। इसके लिए दिनचर्या में सुधार के वास्तु उपाय अपनाएं:
- सुबह जल्दी उठने की आदत डालें, क्योंकि यह उत्तर-पूर्व दिशा की ऊर्जा को बढ़ाता है।
- बच्चे को योग और ध्यान के लिए प्रोत्साहित करें।
- रात में सोने से पहले कमरे को साफ करें और ध्यान रखें कि कोई अव्यवस्था न हो।
- बच्चे को समय-समय पर छोटे ब्रेक लेने दें ताकि उनका ध्यान स्थिर रहे।